Friday, March 31, 2023

बदलाव....

मैं क्या लिखूँ खुद को,
ये मैं खुद को भी नहीं समझ आता,
ज़िंदगी में कुछ स्थिर ही नहीं रह पाता,
आज है,वही कल कुछ और हो जाता,
क्यूँकी परिवर्तन ही तो सृष्टि का नियम है...
फिर क्या... यूँ तो मैं अपनी ही बात में फंसता चला जाता...
अब बताओ इस तरह मैं कैसे,
अपनी ही  बात पर टिक पाता...🤔😇

Saturday, March 18, 2023

कुछ...

कितना अजीब भी है,
कितना करीब भी है , 
पहली दफ़ा का एहसास....🤍

Thursday, March 16, 2023

आsh...

अब तो कुछ भी न लिखा जाता,
काश! कोई बिना लिखे समझ पाता,
.............
अब तो ऐसी पंक्तियाँ भी खुद की हंसी को भी 
न रोक पाता,
फिर वही आश जो दूसरों से लगाता,,,,,,,,🫠


जीना...

                     
आसान नहीं है,बाहर की दुनिया को जीना 
अगर आप अंदर की दुनिया में शांत नहीं है....😌

Thursday, February 9, 2023

कभी-कभी तो लोग जबरन इसलिए भी 
बात करते हैं,कहीं उसे बुरा ना लग
जाए,
पर वे यह नहीं जानते,
कि उसे अगर पता चल गया कि 
आप जबरन बात कर रहे थे,
तब कितना बुरा लगेगा....

Monday, February 6, 2023

Ek muskan hi to h,
Jiske sath hm har dard
Ko jane dete h.....

Tuesday, January 31, 2023

शब्दों के बीच.....

  ज़िंदगी अगर शब्दों में बयां हो पाती, 
तो हर बेज़ुबा इंसान शब्दों का मोहताज होता.....

शब्दों को ऐसे भी क्या पिरोना ,
कि शब्दों को समझने वाला भी निःशब्द हो जाए......

कुछ भी कहो,,,,,शब्दों की लड़ाई में ,
इन भावनाओं का क्या क़ुसूर ,यदि शब्दों में समा ही न पाए........
अब तो जीने में क्या ही मजा है, 
यदि हर कोई ,हर किसी को शब्दों में समझ पाए......

Saturday, January 28, 2023

आपकी नज़रों से...

कभी-कभी दुःखों के बादल इस तरह बरसतें हैं,कि आँखों में नमी आ ही जाती है, 
मानो सब खत्म सा हो गया हो, 
फिर लगता है ऐसा भी होता है क्या,
 और एक प्यारी सी मुस्कान चेहरे से होकर गुज़रते देर नहीं लगती, 
अब इसे खुद की समझदारी कह लें या स्वीकृति ...

Monday, January 9, 2023

सब अच्छे है..

जीवन के हर वो रिश्ते सच्चे हैं,
जो पीठ पीछे भी अच्छे हैं,,,
वरना ज़िन्दगी के न जाने 
कितने जत्थे हैं,,
जो चुन-चुन के हिसाब करके रखे हैं,,,,,,,,
अब तो बस हम अच्छे हैं तो सब अच्छे हैं....😊



व्यक्तित्व ....

 अगर आप वास्तव में किसी के व्यक्तित्व को समझना  चाहते हैं,
तो उसे वैसे मत देखिए जैसे आप हैं,
उसे वैसे देखिए जैसे वो हैं....
सच उसमें भी आपको एक बच्चा नज़र आएगा,
क्योंकि हर कोई दिल से तो बच्चा ही है.....❤️

Saturday, January 7, 2023

शायद....

किसी पर नाराज़गी ,,,,,
कभी खुद पर ही नाराज़गी,
तो कभी बेवज़ह उदासी,
किसी पर खुद ही बङबङाना, 
खुद ही सुनना,
कभी चिल्लाना,
फिर कभी झल्लाना,
फिर सोचना क्या ही है,
कुछ भी तो नहीं,
फिर कभी खो जाना उसमें,
और फिर खुद ही मुस्कराना ,
शायद इसी को कहते हैं,
ज़िन्दगी का एक और नज़राना......

 मंज़िल और सफर एक-दूसरे के पूरक ही तो हैं, जिसमें सफर सुकून तो मंज़िल तो बस जरूरत हैं मगर इसी मंज़िल की आड़ में सफर को ही किया अनदेखा है देख...