Thursday, March 16, 2023

आsh...

अब तो कुछ भी न लिखा जाता,
काश! कोई बिना लिखे समझ पाता,
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अब तो ऐसी पंक्तियाँ भी खुद की हंसी को भी 
न रोक पाता,
फिर वही आश जो दूसरों से लगाता,,,,,,,,🫠


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