Tuesday, January 31, 2023

शब्दों के बीच.....

  ज़िंदगी अगर शब्दों में बयां हो पाती, 
तो हर बेज़ुबा इंसान शब्दों का मोहताज होता.....

शब्दों को ऐसे भी क्या पिरोना ,
कि शब्दों को समझने वाला भी निःशब्द हो जाए......

कुछ भी कहो,,,,,शब्दों की लड़ाई में ,
इन भावनाओं का क्या क़ुसूर ,यदि शब्दों में समा ही न पाए........
अब तो जीने में क्या ही मजा है, 
यदि हर कोई ,हर किसी को शब्दों में समझ पाए......

Saturday, January 28, 2023

आपकी नज़रों से...

कभी-कभी दुःखों के बादल इस तरह बरसतें हैं,कि आँखों में नमी आ ही जाती है, 
मानो सब खत्म सा हो गया हो, 
फिर लगता है ऐसा भी होता है क्या,
 और एक प्यारी सी मुस्कान चेहरे से होकर गुज़रते देर नहीं लगती, 
अब इसे खुद की समझदारी कह लें या स्वीकृति ...

Monday, January 9, 2023

सब अच्छे है..

जीवन के हर वो रिश्ते सच्चे हैं,
जो पीठ पीछे भी अच्छे हैं,,,
वरना ज़िन्दगी के न जाने 
कितने जत्थे हैं,,
जो चुन-चुन के हिसाब करके रखे हैं,,,,,,,,
अब तो बस हम अच्छे हैं तो सब अच्छे हैं....😊



व्यक्तित्व ....

 अगर आप वास्तव में किसी के व्यक्तित्व को समझना  चाहते हैं,
तो उसे वैसे मत देखिए जैसे आप हैं,
उसे वैसे देखिए जैसे वो हैं....
सच उसमें भी आपको एक बच्चा नज़र आएगा,
क्योंकि हर कोई दिल से तो बच्चा ही है.....❤️

Saturday, January 7, 2023

शायद....

किसी पर नाराज़गी ,,,,,
कभी खुद पर ही नाराज़गी,
तो कभी बेवज़ह उदासी,
किसी पर खुद ही बङबङाना, 
खुद ही सुनना,
कभी चिल्लाना,
फिर कभी झल्लाना,
फिर सोचना क्या ही है,
कुछ भी तो नहीं,
फिर कभी खो जाना उसमें,
और फिर खुद ही मुस्कराना ,
शायद इसी को कहते हैं,
ज़िन्दगी का एक और नज़राना......

 मंज़िल और सफर एक-दूसरे के पूरक ही तो हैं, जिसमें सफर सुकून तो मंज़िल तो बस जरूरत हैं मगर इसी मंज़िल की आड़ में सफर को ही किया अनदेखा है देख...