Thursday, July 1, 2021

.....✒

 यदि इंसान समझदार है तो वही करेगा जो उसे पसंद होगा..

यदि अति बुध्दिमान है तो केवल वही करेगा जो जरूरी होगा...

वरना जीवन तो चलता रहेगा  कभी संघर्ष के रूप में, तो कभी एक अद्भुत घटना के रूप में....

No comments:

Post a Comment

 मंज़िल और सफर एक-दूसरे के पूरक ही तो हैं, जिसमें सफर सुकून तो मंज़िल तो बस जरूरत हैं मगर इसी मंज़िल की आड़ में सफर को ही किया अनदेखा है देख...