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"हम हर क्षण अपनी राय, अपनी सोच,अपनी धारणाएँ दूसरों पर थोपते रहते हैं..........लेकिन क्यों? "
"हम बस खुद को सही साबित करने की कतार में लगे हुए हैं...."
"जिंदगी मौत की ओर हर क्षण कदम बढ़ा रही है, हम हैं कि पैरों को जकड़कर बैठे हैं....."
"इस द्वन्द्वमय जीवन में लोग फंसकर रह गए हैं...."

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