Monday, September 25, 2023
Sunday, September 24, 2023
सुनो क्या तुम सच में कुछ कहना नहीं चाहते
या फिर कहना ही नहीं चाहते ,
वैसे ये अतीत का बोझ कब तक उठाए रखना चाहते हो
सुना है मेरी जिन्दगी का कुछ भरोसा नहीं,
ऐसा भी क्या जो जुबां तक आते हुए भी नज़रे फेर लेना चाहते हो,
खैर इतना मैं ही सोच रही या फिर तुम भी इन छींटो से खुद नहीं बचा पा रहे
अब क्या ही कहना इन सब पे बस एक ही ख्याल आता है
सच में कुछ है भी कि बस मेरे ही ख्याली पुलाव पके जा रहे
जो भी हो ये क्या कम है मेरे लिए ही कि मै भी इस तरफ भी खुद को यूं खोया पा रही
जो इतने सालों के बाद भी बुझा न पा रही
न जाने ये कैसा मोड़ आ गया है न खुद ही समझ पा रहे न समझा पा रहे
लोग तो मुझे विरोधाभासी ख्यालो से जोड़कर देखे जा रहे
न जाने क्यों
शायद अब पता चल पा रहा पहला
मंज़िल और सफर एक-दूसरे के पूरक ही तो हैं, जिसमें सफर सुकून तो मंज़िल तो बस जरूरत हैं मगर इसी मंज़िल की आड़ में सफर को ही किया अनदेखा है देख...
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Hm agar kisi ke liye itna concern h to kyu secret rakhna chahte h,,,,, Kahi ye fear to nhi ki ho mna kr diya ya uski feelings vaisi na hui t...
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Talking to Myself... Kya tune kabhi socho tha ki Teri life me bhi kisi ki entry ho jayegi... Aur tu kah bhi degi usse ...ye to bilkul hi had...