रिश्तों के दबाव का जूनून अब न चाहिए,
अब तो बस बेपरवाह ज़िन्दगी जीने का सुकून ही चाहिए,
क्या ही करें इन रिश्तों का जो बस उनकों हमारी जान चाहिए,
हमें तो बस इस दोस्ती के सहारे जीने का एक और बहाना चाहिए......
इसीलिए तो हमने "शिक्षा" को ही अपना दोस्त हमेशा के लिए चुना.....
जो हमेशा मेरे साथ खङा रहती है बिना किसी स्वार्थ के....🤍👍
👍
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