Wednesday, November 23, 2022

कभी-कभार ऐसे भी है ज़िन्दगी ....

हम हमेशा दूसरों को खुश करने के लिए न जाने कितनी बातों को दबा के बैठते हैं ,
लेकिन क्या पता था कि वो ही हमें ही गलत समझ के बैठा है,,,,,
कितना मुश्किल होता है,किसी से अपनी सफाई में चार शब्द बोल पाना ,,,
ये सोचकर नहीं कि उसे साबित करना है खुद को,
बल्कि इसलिए कि ऐसे भी क्या रिश्ते,जिनकी मांग साबित करने पर टिकी हो........💔

समझ...

बढ़ती समझ हमेशा एक मुस्कान बिखेर ही देती है,
फिर लोग चाहे कितनी ही गालियां क्यों न दे दे......😔

Sunday, November 13, 2022

#childrensday

असल में जीता तो बच्चा ही है,देखने में कैसा भी है,पर दिल से तो सच्चा ही है......

कुछ तो...

ये बात भी बिल्कुल सही है,,,
दूरियों में ही तो प्यार है,
वरना नज़दीकियों में तो बस टकरार है.......
🤍🤍

IMAGINATION: how feelings change your brain .....🤗

IMAGINATION: how feelings change your brain .....🤗: Hm agar kisi ke liye itna concern h to kyu secret rakhna chahte h,,,,, Kahi ye fear to nhi ki ho mna kr diya ya uski feelings vaisi na hui t...

how feelings change your brain .....🤗

Hm agar kisi ke liye itna concern h to kyu secret rakhna chahte h,,,,,
Kahi ye fear to nhi ki ho mna kr diya ya uski feelings vaisi na hui to ,ya kahe to pta nhi log kya sochenge,,,,,,
Kya fark padta h agar hmne apni feelings kisi se share ki ,aur secret kyu rakhna h ,,,,,
kam se kam jb kisi ke liye kuch feel kr rhe h tb tk to vo pal jeeyo,,,,,
kho jao usme .....hme ye soch-soch kr kyu time waste krna ki pta nhi uski feelings kya hongi,,, 
Are kya fark padta h ki hmari feelings same nhi hui...but hm kisi ke liye feel kr rhe h ye kya kam h vo bhi life me first time,,,,
just imagine & feel it again and again......
Really, jb hmare brain se aise hormones release ho rahe hote h,,,then feel good...
&expands the capillaries in our cheeks and makes us flush.....🤍

Wednesday, November 9, 2022

पारिवारिक बदलाव/एक सोच.....

हमारे समाज में क्या हर रिश्ते,परिवार ऐसे नहीं हो सकते कि हमें कुछ भी करना हो तो ये न सोचना पड़े कि हम किस जेंडर के हैं,,,  
हमारे परिवार में हर कार्य जेंडर के हिसाब से बंटे हुए हैं, क्या यह अब भी खत्म नहीं हो सकता काम कोई भी हो दिमाग में ये न आए ,,,
मेल है तो तुझे बाहर का कार्य करना और फीमेल है तो तुझे अंदर का करना है.......
क्या ऐसा नहीं हो सकता कार्य कोई भी हो कभी भी जेंडर के आधार पर सोच ही न आए........
कितना अच्छा हो न अगर हमारा परिवार और समाज कुछ ऐसा हो कि बस एक इंसान के नज़रिए से देखा जाए,,,

**कभी रात-दिन जैसा कोई भेद भी आड़े न आए,,,
ये न सोचना पड़े ,अरे अभी तो रात है वह कैसे जाएगी ,जमाना बड़ा ही खराब है,,अरे अभी तो दोपहर है ये कैसे जाएगी,,काली पड़ जाएगी,,,अरे अभी सुबह के चार बजे हैं बाहर कैसे टहलने जाएगी,,,घर के छत पर ही टहल ले न...**🙈

                             ¤ॐकल्पना विश्वकर्मा☪︎†
                                      229405

Thursday, November 3, 2022

जीने का एक और बहाना....🤍**educate yourself**

अब तो ज़िन्दगी में बस एक दोस्त ही चाहिए,
 रिश्तों के दबाव का जूनून अब न चाहिए, 
अब तो बस बेपरवाह ज़िन्दगी जीने का सुकून ही चाहिए, 
क्या ही करें इन रिश्तों का जो बस उनकों हमारी जान चाहिए,
हमें तो बस इस दोस्ती के सहारे जीने का एक और बहाना चाहिए......
इसीलिए तो हमने "शिक्षा" को ही अपना दोस्त हमेशा के लिए चुना.....
जो हमेशा मेरे साथ खङा रहती है बिना किसी स्वार्थ के....🤍👍

 मंज़िल और सफर एक-दूसरे के पूरक ही तो हैं, जिसमें सफर सुकून तो मंज़िल तो बस जरूरत हैं मगर इसी मंज़िल की आड़ में सफर को ही किया अनदेखा है देख...