Wednesday, November 23, 2022

कभी-कभार ऐसे भी है ज़िन्दगी ....

हम हमेशा दूसरों को खुश करने के लिए न जाने कितनी बातों को दबा के बैठते हैं ,
लेकिन क्या पता था कि वो ही हमें ही गलत समझ के बैठा है,,,,,
कितना मुश्किल होता है,किसी से अपनी सफाई में चार शब्द बोल पाना ,,,
ये सोचकर नहीं कि उसे साबित करना है खुद को,
बल्कि इसलिए कि ऐसे भी क्या रिश्ते,जिनकी मांग साबित करने पर टिकी हो........💔

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