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मंज़िल और सफर एक-दूसरे के पूरक ही तो हैं, जिसमें सफर सुकून तो मंज़िल तो बस जरूरत हैं मगर इसी मंज़िल की आड़ में सफर को ही किया अनदेखा है देख...
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Hm agar kisi ke liye itna concern h to kyu secret rakhna chahte h,,,,, Kahi ye fear to nhi ki ho mna kr diya ya uski feelings vaisi na hui t...
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दुनियाभर के रिश्तों के इस जंजाल में एक प्रकृति ही तो है जो कभी किसी को धोखे में नहीं रखती ,जो है वही बंया करती है .... बादलों की इस प्यारी...
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