कभी-कभी तो लोग जबरन इसलिए भी
बात करते हैं,कहीं उसे बुरा ना लग
जाए,
पर वे यह नहीं जानते,
कि उसे अगर पता चल गया कि
आप जबरन बात कर रहे थे,
तब कितना बुरा लगेगा....
मंज़िल और सफर एक-दूसरे के पूरक ही तो हैं, जिसमें सफर सुकून तो मंज़िल तो बस जरूरत हैं मगर इसी मंज़िल की आड़ में सफर को ही किया अनदेखा है देख...