Thursday, September 30, 2021

रिश्तें🥱....


🙏
 रिश्ते ऊपर से नहीं बनते, रिश्ते तो जरूरतें बना देती हैं....🙏

"रिश्ते भी बङे अजीब होते हैं लोग जबरजस्ती निभाए जाए रहे हैं ,
अंदर की दुनिया से लङे जा रहे हैं और बाहर से मुस्कराए जा रहे हैं"@👏....
                      ---कल्पना विश्वकर्मा

Wednesday, September 15, 2021

सूकून....

प्रकृति के हर वो दृश्यों में जो सुकून है जो शायद और कहीं नहीं...
 

Friday, September 10, 2021

वानिकी .....

हम जिन्दगी की  कितनी ही उंचाईयों पर क्यों न पहुंच जाएं लेकिन उसकी मजबूती जमीन से ही जुड़ी होती है ....



 

 मंज़िल और सफर एक-दूसरे के पूरक ही तो हैं, जिसमें सफर सुकून तो मंज़िल तो बस जरूरत हैं मगर इसी मंज़िल की आड़ में सफर को ही किया अनदेखा है देख...