रिश्ते ऊपर से नहीं बनते, रिश्ते तो जरूरतें बना देती हैं....🙏
"रिश्ते भी बङे अजीब होते हैं लोग जबरजस्ती निभाए जाए रहे हैं ,
अंदर की दुनिया से लङे जा रहे हैं और बाहर से मुस्कराए जा रहे हैं"@👏....
---कल्पना विश्वकर्मा
मंज़िल और सफर एक-दूसरे के पूरक ही तो हैं, जिसमें सफर सुकून तो मंज़िल तो बस जरूरत हैं मगर इसी मंज़िल की आड़ में सफर को ही किया अनदेखा है देख...